भारतीय खगोल भौतिक विज्ञानी डॉ. रोनाल्डो लैश्राम ने प्राचीन लोकटक प्रोटो-क्लस्टर की खोज का नेतृत्व किया है, जो लगभग 12.6 अरब वर्ष पुरानी आकाशगंगाओं की संरचना है और ब्रह्मांड के प्रारंभिक विकास को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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- भारतीय वैज्ञानिक डॉ. रोनाल्डो लैश्राम ने लोकटक प्रोटो-क्लस्टर की खोज की, जो प्रारंभिक ब्रह्मांड में बनती हुई आकाशगंगा संरचना है।
- यह संरचना लगभग 12.6 अरब वर्ष पुरानी है, जब ब्रह्मांड सिर्फ 1.2 अरब वर्ष का था।
- इसे “आकाशगंगाओं का शहर” कहा जाता है, जहाँ आकाशगंगाएँ गुरुत्वाकर्षण के कारण एकत्रित हो रही हैं।
- यह खोज दिखाती है कि घने क्षेत्रों में आकाशगंगाओं का विकास अलग तरीके से होता है।
- इस अध्ययन में सुबारू टेलीस्कोप और जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) का उपयोग किया गया।
- यह खोज डार्क मैटर, तारों के निर्माण और कॉस्मिक वेब को समझने में मदद करती है।
- इसका नाम मणिपुर की लोकटक झील के नाम पर रखा गया है, जो फ्लोटिंग द्वीपों के लिए प्रसिद्ध है।
- यह शोध The Astrophysical Journal Letters में प्रकाशित हुआ है।





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