बेंगलुरु स्थित CSIR–NAL की यात्रा के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने भारत के स्वदेशी हंसा-3(NG) ट्रेनर विमान का अनावरण किया और देश के उभरते विमानन-अंतरिक्ष कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की।
BulletsIn
- हंसा-3(NG) का उत्पादन संस्करण लॉन्च; भारत का पहला ऑल-कॉम्पोज़िट दो-सीटर ट्रेनर विमान।
- आने वाले 20 वर्षों में लगभग 30,000 पायलटों की आवश्यकता को पूरा करने में मदद।
- आंध्र प्रदेश में नई उत्पादन सुविधा; क्षमता 100 विमान प्रति वर्ष।
- 19-सीटर SARAS Mk-2 में प्रगति; क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए नागरिक व सैन्य उपयोग।
- SARAS Mk-2 के लिए आयरन बर्ड सुविधा शुरू; सिस्टम इंटीग्रेशन और ग्राउंड-टेस्टिंग तेज।
- हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म प्रोग्राम में सफलता; प्रोटोटाइप 7.5 किमी ऊँचाई, 10 घंटे एंड्योरेंस हासिल।
- 20 किमी से अधिक ऊँचाई वाली पूर्ण-स्केल उड़ान 2027 तक लक्ष्य।
- HAL एयरपोर्ट पर NAviMet सिस्टम लॉन्च; DRISHTI और AWOS के साथ स्वदेशी सुरक्षा तकनीकों को मजबूती।
- 150-किलोग्राम श्रेणी की लूटिरंग म्यूनीशन UAV विकसित करने के लिए साझेदारी पर हस्ताक्षर।
- मंत्री ने कहा—ये उपलब्धियाँ 2035 तक वैश्विक एविएशन हब और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में केंद्रीय भूमिका निभाएँगी।





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