भारत ने विश्व व्यापार संगठन में अपनी आठवीं व्यापार नीति समीक्षा सफलतापूर्वक पूरी करते हुए नियम आधारित वैश्विक व्यापार व्यवस्था, पारदर्शिता तथा समावेशी आर्थिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
BulletsIn
- भारत ने जिनेवा में आयोजित आठवीं व्यापार नीति समीक्षा सफलतापूर्वक पूरी करते हुए खुली, पारदर्शी, पूर्वानुमेय तथा नियम आधारित वैश्विक व्यापार व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
- वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत की व्यापार और निवेश नीतियां विश्व व्यापार संगठन के सिद्धांतों के अनुरूप हैं तथा विकासशील अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं को संतुलित करती हैं।
- भारत ने बताया कि सीमा शुल्क सुधार, व्यापार सुगमता उपायों तथा मुक्त व्यापार समझौतों के विस्तार से वैश्विक आर्थिक एकीकरण और घरेलू विनिर्माण को नई मजबूती मिली है।
- समीक्षा के दौरान भारत को 44 सदस्य देशों से 1,094 लिखित प्रश्न प्राप्त हुए, जबकि 21 और 23 जुलाई को आयोजित बैठकों में 68 सदस्य देशों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
- अनेक सदस्य देशों ने भारत की आर्थिक मजबूती, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, सीमा शुल्क आधुनिकीकरण, नवाचार, नवप्रवर्तन, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यमों के वैश्विक मूल्य श्रृंखला में एकीकरण की सराहना की।
- भारत ने स्पष्ट किया कि कृषि शुल्क संरचना छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका की सुरक्षा के लिए है, जबकि औद्योगिक शुल्क घरेलू विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के उद्देश्य से निर्धारित किए गए हैं।
- सरकार ने स्वास्थ्य और पादप सुरक्षा उपायों, तकनीकी विनियमों, व्यापार उपचार, बौद्धिक संपदा सुधार, निवेश सुविधा तथा सतत आर्थिक विकास के प्रति अपनी पारदर्शी और नियम आधारित नीति दोहराई।
- भारत ने कहा कि विश्व व्यापार संगठन के सुधार विकासोन्मुख होने चाहिए, विकासशील देशों के नीतिगत अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए तथा वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के अनुरूप समावेशी और साझा वैश्विक समृद्धि को बढ़ावा देना चाहिए।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.