भारत और श्रीलंका ने प्रमुख द्विपक्षीय ऊर्जा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और बिजली क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। इसमें सीमा-पार बिजली व्यापार, नवीकरणीय ऊर्जा और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया गया।
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- भारत और श्रीलंका ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक के दौरान ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा की।
- बैठक में सीमा-पार बिजली व्यापार, नवीकरणीय ऊर्जा और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा हुई।
- प्रस्तावित भारत–श्रीलंका हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) इंटरकनेक्शन प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की गई।
- संपूर सोलर पावर प्रोजेक्ट की प्रगति पर भी दोनों पक्षों ने चर्चा की।
- दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग बढ़ाने के अवसर तलाशे।
- क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने के लिए क्षमता निर्माण (Capacity Building) पर भी चर्चा हुई।
- भारत ने Tariff-Based Competitive Bidding (TBCB) फ्रेमवर्क के माध्यम से ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का अपना अनुभव साझा किया।
- TBCB फ्रेमवर्क को Public-Private Partnership (PPP) मॉडल के संदर्भ में साझा किया गया।
- दोनों देशों ने भारत–श्रीलंका ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
- इस सहयोग का उद्देश्य क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास को बढ़ावा देना है।
- श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री Anura Karunathilake ने भारत के निरंतर सहयोग की सराहना की और द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई।





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