भारत ने दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी रक्षा कूटनीति को मजबूत करते हुए वियतनाम के साथ ब्रह्मोस मिसाइल निर्यात समझौता किया है, जबकि इंडोनेशिया के साथ वार्ता अंतिम चरण में पहुंच गई है।
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- भारत ने वियतनाम को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति के लिए समझौता किया है, जिसमें मिसाइलें, प्रशिक्षण, रखरखाव और लॉजिस्टिक सहायता शामिल है।
- इस समझौते का अनुमानित मूल्य लगभग ₹6,000 करोड़ है और इसकी पुष्टि 30 मई 2026 को सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग के दौरान की गई।
- ब्रह्मोस भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे भूमि, समुद्र, पनडुब्बी और वायु प्लेटफॉर्म से लॉन्च किया जा सकता है।
- यह मिसाइल मैक 2 से अधिक गति से उड़ान भरती है और दुनिया की सबसे तेज़ परिचालन क्रूज मिसाइलों में से एक मानी जाती है।
- भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस के नौसैनिक संस्करण की बिक्री को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है और जल्द समझौता होने की संभावना है।
- फिलीपींस 2022 में ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली खरीदने वाला पहला विदेशी देश बना था, जिसने लगभग 375 मिलियन डॉलर का रक्षा समझौता किया था।
- यह निर्यात भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ती क्षमता और वैश्विक स्तर पर स्वदेशी रक्षा उत्पादों के विस्तार की रणनीति को दर्शाता है।
- यह समझौता भारत और ASEAN देशों के बीच सामरिक सहयोग को मजबूत करेगा तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा साझेदारी को नई दिशा देगा।





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