भारत सरकार 2027 से हरित विमान ईंधन मिश्रण अनिवार्य बनाकर प्रदूषण घटाने, स्वच्छ ऊर्जा बढ़ाने और देश के विमानन क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन लाने की तैयारी कर रही है।
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- भारत में 1 जनवरी 2027 से विमानन टरबाइन ईंधन में 1 प्रतिशत हरित विमान ईंधन मिश्रण अनिवार्य करने की तैयारी तेज हो गई है।
- हरित विमान ईंधन उपयोग किए गए खाद्य तेल, कृषि फसलों, जैविक अवशेषों और अपशिष्ट पदार्थों जैसे नवीकरणीय स्रोतों से तैयार किया जाता है।
- केंद्र सरकार पहले ही हरित विमान ईंधन को विमान संचालन के लिए मान्यता देते हुए चरणबद्ध मिश्रण लक्ष्य निर्धारित कर चुकी है।
- विशेषज्ञों के अनुसार हरित विमान ईंधन मिश्रण लागू होने के बाद हवाई टिकट कीमतों में लगभग ₹100 से ₹200 तक वृद्धि संभव है।
- Indian Oil Corporation 2027 की समयसीमा से पहले पानीपत रिफाइनरी में उपयोग किए गए खाद्य तेल से हरित विमान ईंधन उत्पादन शुरू करेगा।
- Bharat Petroleum Corporation Limited मुंबई रिफाइनरी में नई सह-प्रसंस्करण इकाई स्थापित कर रहा है जिसकी वार्षिक क्षमता लगभग 60,000 टन होगी।
- सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनियों के अनुसार भारत में 2027 तक लगभग 62,000 टन और 2030 तक लगभग 3.8 लाख टन हरित विमान ईंधन की आवश्यकता होगी।
- विशेषज्ञों ने भारत की मजबूत रिफाइनरी क्षमता, तकनीकी दक्षता और विविध नवीकरणीय संसाधनों को हरित विमान ईंधन उत्पादन का बड़ा लाभ बताया है।





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