भारत की तेल रिफाइनरियां रूसी तेल पर पश्चिमी सख्ती के चलते वैकल्पिक आपूर्तियों की तलाश में हैं। 31 जुलाई 2025 को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से निर्यात पर 25% आयात शुल्क लगाने की घोषणा की। उन्होंने रूस से तेल और हथियार खरीद की आलोचना की। इसके बाद भारतीय रिफाइनरियों ने तेजी से अन्य देशों से कच्चा तेल मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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- भारत 2024 में रोज़ाना 1.63 मिलियन बैरल रूसी तेल खरीदता रहा, कुल आयात का एक-तिहाई
- अमेरिका और यूरोपीय संघ रूस पर ऊर्जा प्रतिबंधों को और कड़ा कर रहे हैं
- ट्रंप ने भारत के निर्यात पर 25% शुल्क की घोषणा की, रूसी खरीद पर जताई नाराज़गी
- भारतीय रिफाइनरियां अब मध्य पूर्व और पश्चिम अफ्रीका से तेल खरीद रहीं
- इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम ने त्वरित आपूर्ति के लिए टेंडर जारी किए
- ईयू रूस-निर्मित डीज़ल के आयात पर प्रतिबंध लगाएगा, भारत पर असर संभव
- रूसी आपूर्ति घटने और कीमतें बढ़ने से दबाव में भारतीय रिफाइनरियां
- निजी रिफाइनर अब भी रूसी तेल खरीद में आगे, पर अनिश्चितता बनी
- कंपनियां सरकार से नीति स्पष्ट करने की मांग कर रहीं
- रिफाइनर समय से पहले—सितंबर अंत से अक्टूबर शुरू—के लिए तेल टेंडर जारी कर रहीं





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