भारत सरकार ने एफडीआई नियमों में संशोधन कर सीमित चीनी हिस्सेदारी वाली कंपनियों को स्वचालित मार्ग से निवेश की अनुमति दी जिससे निवेश प्रवाह और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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- भारत सरकार ने एक मई से नए एफडीआई नियम लागू किए जिनके तहत दस प्रतिशत तक चीनी हिस्सेदारी वाली विदेशी कंपनियों को स्वचालित मार्ग से निवेश की अनुमति दी गई।
- इन संशोधनों को वित्त मंत्रालय ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित किया जिससे सीमावर्ती देशों के निवेश नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव आया।
- पहले प्रेस नोट तीन के तहत चीन सहित पड़ोसी देशों के निवेश के लिए सरकारी स्वीकृति आवश्यक थी ताकि आर्थिक परिस्थितियों में अनुचित अधिग्रहण रोका जा सके।
- नए नियमों में सीमित हिस्सेदारी वाले निवेश की अनुमति दी गई है जबकि उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के माध्यम से निगरानी और सुरक्षा उपाय बनाए रखे गए हैं।
- इस निर्णय से विदेशी निवेश बढ़ने व्यापार वातावरण बेहतर होने और आर्थिक विकास को गति मिलने की संभावना है साथ ही रणनीतिक संतुलन बनाए रखा जाएगा।
- यह नीति केवल उन विदेशी कंपनियों पर लागू होती है जिनमें चीनी हिस्सेदारी सीमित है और नियंत्रण अन्य देशों के निवेशकों के पास बना रहता है।
- इस कदम से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को निवेश में लचीलापन मिलेगा और विविध शेयरधारिता संरचना के साथ भारत में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
- सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को रोकने के लिए आवश्यक नियंत्रण तंत्र जारी





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