भारत ने घरेलू पीएनजी संपर्क बढ़ाने, रसोई ईंधन लागत घटाने और स्वच्छ ऊर्जा पहुंच को देशभर में मजबूत करने के लिए नई योजना शुरू की।
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- भारत ने 18 अगस्त 2026 को घरेलू पीएनजी संपर्क प्रोत्साहन योजना शुरू की, जिसे देशभर में 1 सितंबर से लागू किया गया।
- योजना का उद्देश्य सक्रिय घरेलू पीएनजी संपर्क बढ़ाना है, जिसके लिए गैस वितरण संस्थाओं को नए परिवारों तक पाइपलाइन पहुंचानी होगी।
- अगस्त 2026 तक भारत में 1.74 करोड़ घरेलू पीएनजी संपर्क मौजूद थे, जिससे स्वच्छ रसोई ईंधन विस्तार की मजबूत आधारभूमि तैयार हुई।
- पात्र संस्थाओं को निर्धारित भौगोलिक सीमा से अधिक नए घरेलू संपर्क जोड़ने पर अतिरिक्त घरेलू मूल्यनियंत्रित गैस आवंटन मिलेगा।
- प्रोत्साहन योजना से घरेलू पीएनजी संपर्क में किए गए पूंजी निवेश की वापसी अवधि लगभग 10 वर्ष से घटकर तीन वर्ष हो सकती है।
- पीएनजी से लगातार आपूर्ति, उपयोग आधारित मापित भुगतान और सुविधाजनक रसोई ईंधन मिलता है, जिससे सिलेंडर पर निर्भरता घटती है।
- प्राकृतिक गैस अपेक्षाकृत स्वच्छ तरीके से जलती है, जिससे घरेलू वायु गुणवत्ता सुधारने और कार्बन उत्सर्जन घटाने में सहायता मिलती है।
- सरकार पाइपलाइन स्वीकृतियां तेज करने, मार्गाधिकार शुल्क समान करने, कर घटाने और गैस बुनियादी ढांचा विस्तार को सरल बनाने पर काम कर रही है।
- राष्ट्रीय पीएनजी अभियान 2.0 ने घरेलू संपर्क विस्तार पर जोर दिया, जबकि एकीकृत डिजिटल पंजीकरण मंच भी विकसित किया जा रहा है।
- कई राज्यों को प्राकृतिक गैस पर मूल्यवर्धित कर 5 प्रतिशत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं की लागत घटेगी।
- योजना का उद्देश्य नगर गैस वितरण व्यवस्था मजबूत करना और नए क्षेत्रों में पीएनजी विस्तार करने वाली संस्थाओं की आर्थिक व्यवहार्यता बढ़ाना है।
- पीएनजी विस्तार भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति देगा और परिवारों को सुरक्षित, सस्ता, सुविधाजनक तथा निरंतर रसोई ईंधन उपलब्ध कराएगा।





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