19 अप्रैल, 2025 को तेलंगाना में भारत के पहले उपग्रह ‘आर्यभट्ट’ के प्रक्षेपण की स्वर्ण जयंती मनाई जाएगी। इस मौके पर सिंगरेनी कॉलियरिज़ एजुकेशनल सोसाइटी (SCES) के तहत चलने वाले शैक्षणिक संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि पैदा करना है। कार्यक्रमों में क्विज़, निबंध लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जो आर्यभट्ट के इतिहास और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की उपलब्धियों को सम्मानित करेंगे।
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- तेलंगाना के SCES 19 अप्रैल, 2025 को आर्यभट्ट के प्रक्षेपण की 50वीं वर्षगांठ मनाएंगे।
- यह कार्यक्रम SCES द्वारा संचालित नौ स्कूलों और विभिन्न कॉलेजों में आयोजित किए जाएंगे।
- इन आयोजनों का उद्देश्य छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी में रुचि बढ़ाना है।
- क्विज़, निबंध लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
- कार्यक्रम का मुख्य केंद्र 1975 में लॉन्च हुए भारत के पहले उपग्रह आर्यभट्ट का उत्सव होगा।
- इन आयोजनों में ISRO की अंतरिक्ष अनुसंधान, अन्वेषण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उपलब्धियों पर जोर दिया जाएगा।
- ISRO द्वारा जन कल्याण के लिए किए गए योगदान को भी इस कार्यक्रम में उजागर किया जाएगा।
- सिंगरेनी कॉलियरिज़ पॉलिटेक्निक कॉलेज सहित SCES के संस्थान इस उत्सव में भाग लेंगे।
- यह आयोजन भारत के अंतरिक्ष मिशनों के इतिहास और भविष्य पर जागरूकता फैलाएगा।
- आर्यभट्ट का प्रक्षेपण भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण यात्रा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर था।





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