भारत और जापान ने बुधवार को टोक्यो में अपने पहले आर्थिक सुरक्षा संवाद का आयोजन किया। इस संवाद में औद्योगिक और प्रौद्योगिकीय लचीलापन को मजबूत करने पर जोर दिया गया, जिसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित थे। बैठक में रणनीतिक व्यापार और प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन विकास, और व्यापारिक व शैक्षिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई।
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- भारत और जापान ने टोक्यो में अपना पहला आर्थिक सुरक्षा संवाद आयोजित किया।
- संवाद का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक और प्रौद्योगिकीय लचीलापन को बढ़ाना था।
- भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी और जापान के उप विदेश मंत्री मसाताका ओकानो ने बैठक की सह-अध्यक्षता की।
- यह संवाद अगस्त 2024 में भारत-जापान 2+2 मंत्री स्तरीय बैठक के दौरान घोषित किया गया था।
- चर्चा में महत्वपूर्ण अवसंरचना और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
- दोनों देशों ने व्यापारिक और शैक्षिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
- कौशल विकास और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रतिभा विनिमय की पहल पर भी विचार किया गया।
- दोनों देशों ने आर्थिक सुरक्षा में निरंतर सहयोग से ठोस परिणाम प्राप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
- भारत और जापान के विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने के लिए एकजुट होने का संकल्प लिया गया।
- भारत-जापान संबंधों की ऐतिहासिक गहराई पर प्रकाश डाला गया, जिसमें सांस्कृतिक आदान-प्रदान और नेताजी सुभाष चंद्र बोस और जेआरडी टाटा जैसे व्यक्तित्वों का योगदान शामिल है।





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