ओडिशा सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी डॉ. हरेकृष्ण महताब की 125वीं जयंती के लिए वर्षभर चलने वाले समारोह की घोषणा की। “उत्कल केसरी” के नाम से मशहूर महताब की विरासत को बीजेपी ओड़िया गर्व को पुनर्जीवित करने और बीजू पटनायक की छवि को चुनौती देने के लिए बढ़ावा दे रही है।
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- हरेकृष्ण महताब का जन्म 1899 में हुआ; उन्हें “उत्कल केसरी” के नाम से जाना जाता है।
- ओडिशा के रियासतों के एकीकरण और राजधानी को भुवनेश्वर स्थानांतरित करने में प्रमुख भूमिका।
- हिराकुद बांध समेत आधुनिक ओडिशा के बुनियादी ढांचे के विकास के सूत्रधार।
- गांधीजी के असहयोग आंदोलन में भाग लिया; कई बार ब्रिटिश सरकार द्वारा जेल भेजे गए।
- संविधान सभा के सदस्य; ओडिशा के अंतिम प्रधानमंत्री और बाद में मुख्यमंत्री बने।
- 1966 में इंदिरा गांधी से मतभेद के कारण कांग्रेस छोड़ दी; आपातकाल का विरोध किया।
- 1923 में “प्रजातंत्र” अखबार की स्थापना की; अब उनके बेटे और बीजेपी सांसद भरतृहरि महताब द्वारा संचालित।
- बीजेपी उनकी विरासत को पुनः प्राप्त कर कांग्रेस और बीजेडी की कहानी को चुनौती देना चाहती है।
- योजनाओं में स्मारक, संगोष्ठी, उनके कार्यों का पुनः प्रकाशन और शोध केंद्र स्थापित करना शामिल।
- बीजेपी उनके राष्ट्रीय योगदान को उजागर कर आगामी चुनावों के लिए मतदाताओं को आकर्षित कर रही है।





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