केंद्र सरकार संसद के मानसून सत्र में कर व्यवस्था, सूक्ष्म उद्योग, न्यायपालिका, शिक्षा सुधार तथा नागरिक प्रशासन से जुड़े 5 महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत करेगी।
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- केंद्र सरकार लोकसभा में मानसून सत्र के दौरान 5 नए विधेयक प्रस्तुत करेगी, जिनका संबंध कर सुधार, सूक्ष्म उद्योग, न्यायपालिका, नागरिक पंजीकरण तथा प्रशासनिक व्यवस्था से है।
- प्रस्तावित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम संशोधन विधेयक का उद्देश्य इस क्षेत्र के लिए कानूनी ढांचे को अधिक प्रभावी बनाकर व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।
- आयकर संशोधन विधेयक के साथ विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को पहले अध्यादेश के माध्यम से दी गई कर राहत को वैधानिक आधार प्रदान करने वाला विधेयक भी प्रस्तुत किया जाएगा।
- उच्चतम न्यायालय न्यायाधीश संख्या संशोधन विधेयक 2026 के माध्यम से न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के प्रावधान को विधायी स्वीकृति प्रदान करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
- सरकार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक तथा राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक भी प्रस्तुत करेगी, जिससे प्रशासनिक और कानूनी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
- मानसून सत्र के दौरान सरकार विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक 2026 को भी पारित कराने का प्रयास करेगी, जिसमें विदेशी अंशदान संबंधी प्रावधानों में संशोधन प्रस्तावित हैं।
- विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्था तथा शैक्षणिक विकास को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से लाया जाएगा।
- मानसून सत्र से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सदन नेताओं की बैठक में विधायी प्राथमिकताओं, संसदीय रणनीति तथा प्रमुख विधेयकों के पारित कराने की तैयारी पर चर्चा होगी।





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