संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन ने चेतावनी दी है कि बढ़ती गैर-शुल्क व्यापार बाधाएं वैश्विक निर्यात और व्यापार व्यवस्था पर बड़ा दबाव बना रही हैं।
BulletsIn
- संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन ने इनविज़िबल बैरियर्स: द कॉस्ट्स ऑफ नॉन-टैरिफ मेजर्स नामक नई रिपोर्ट जारी की।
- रिपोर्ट में कहा गया कि गैर-शुल्क व्यापार बाधाएं अब दुनिया के लगभग 88 प्रतिशत देशों के लिए आयात शुल्कों से अधिक महंगी साबित हो रही हैं।
- गैर-शुल्क उपायों में तकनीकी मानक, स्वास्थ्य नियम, आयात लाइसेंस, गुणवत्ता शर्तें और प्रशासनिक अनुपालन प्रक्रियाएं शामिल होती हैं।
- विकासशील और अल्पविकसित देशों के निर्यातकों को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है क्योंकि वे महंगे वैश्विक मानकों को पूरा करने में कठिनाई झेल रहे हैं।
- रिपोर्ट के अनुसार, अल्पविकसित देशों को जी-20 बाजारों में गैर-शुल्क नियमों के कारण लगभग 10 प्रतिशत निर्यात नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- विश्व व्यापार संगठन में कमजोर भागीदारी के कारण गरीब देश वैश्विक व्यापारिक प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से चुनौती नहीं दे पा रहे हैं।
- वर्ष 2025 में वैश्विक शुल्क दरों में भी तेज वृद्धि हुई, जिसमें विकसित देशों में 10 प्रतिशत और अल्पविकसित देशों में 18 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
- रिपोर्ट ने कोविड-19 महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका की नई शुल्क नीतियों को संरक्षणवादी व्यापार रुझानों के पीछे प्रमुख कारण बताया।
- यूएनसीटैड के अनुसार, गैर-शुल्क नियमों में पारदर्शिता बढ़ाने से वैश्विक व्यापार अनुपालन लागत लगभग 19 प्रतिशत तक कम हो सकती है।
- रिपोर्ट में कहा गया कि अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र जैसे क्षेत्रीय सहयोग ढांचे कृषि और विनिर्माण व्यापार लागत को काफी कम कर सकते हैं।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.