2024 में दर्ज हुई रिकॉर्ड गर्मी और समुद्री हीटवेव्स के चलते दुनियाभर के 84% कोरल रीफ्स गंभीर रूप से प्रभावित हुए। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बढ़ते समुद्री तापमान के कारण कोरल ब्लीचिंग हो रही है, जिससे समुद्री जैवविविधता पर संकट मंडरा रहा है।
BulletsIn
- दुनिया के 84% कोरल रीफ्स पर हीट स्ट्रेस का असर।
- 2024 अब तक का सबसे गर्म वर्ष रहा।
- समुद्री हीटवेव्स की संख्या तीन गुना बढ़ी।
- गर्मी से कोरल पर मौजूद शैवाल मरते हैं, जिससे कोरल ब्लीच होते हैं।
- शैवाल के बिना कोरल भोजन, रंग और जीवन शक्ति खोते हैं।
- ब्लीचिंग से कोरल मरते हैं, जैवविविधता घटती है।
- कोरल रीफ्स तटीय रक्षा और समुद्री जीवन के लिए जरूरी।
- वैज्ञानिकों ने इसे वैश्विक संकट बताया है।
- स्थायी नुकसान की आशंका, अगर तापमान बढ़ता रहा।
- जलवायु परिवर्तन रोकने की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है।





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