19वीं सदी के उत्तरार्ध से ऐचिसन और इस्लिंगटन आयोग जैसी समितियों ने भारत की प्रशासनिक संरचना को तय किया। इसी प्रक्रिया में अखिल भारतीय सेवाएँ बनीं, जिनमें आईएएस अधिकारी शासन, प्रशासन और नीति क्रियान्वयन में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।
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- आईएएस अखिल भारतीय सेवाओं का प्रमुख ढांचा, राष्ट्रीय प्रशासन में एकरूपता सुनिश्चित करता है।
- कानून-व्यवस्था, राजस्व कार्य और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी संभालते हैं।
- कार्यपालिका मजिस्ट्रेट के रूप में और विकास कार्यों के CDO/जिला विकास आयुक्त के रूप में कार्य।
- केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के क्रियान्वयन की निगरानी।
- सरकारी खर्चों की निगरानी और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना।
- नीति निर्माण में संयुक्त सचिव, उप सचिव आदि पदों पर महत्वपूर्ण योगदान।
- फील्ड पोस्टिंग में SDM/SDO, जिला कलेक्टर, उपायुक्त, मंडल आयुक्त जैसे पद शामिल।
- वरिष्ठ भूमिकाओं में रेवेन्यू बोर्ड के सदस्य/अध्यक्ष।
- अधिकारी मंत्रालयों, PSUs, स्वायत्त निकायों और UN, वर्ल्ड बैंक, ADB जैसे संगठनों में भी नियुक्त।
- सचिवालय पोस्टिंग में अंडर सेक्रेटरी से लेकर कैबिनेट सचिव तक पद शामिल।





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