विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम भारत में विदेशी चंदे को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया। इसका उद्देश्य देश की संप्रभुता, सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा करना है।
BulletsIn
• एफसीआरए 1976 में आपातकाल के दौरान लागू
• विदेशी चंदे के नियंत्रण हेतु कानून
• एनजीओ और संगठनों पर लागू
• विदेशी अंशदान के लिए पंजीकरण अनिवार्य
• पंजीकरण की वैधता पांच वर्ष
• वार्षिक रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य
• कुछ व्यक्तियों को विदेशी चंदा लेने पर रोक
• चुनाव उम्मीदवार, न्यायाधीश, सरकारी कर्मचारी शामिल
• बिना पंजीकरण अंशदान हस्तांतरण प्रतिबंधित
• गृह मंत्रालय द्वारा अधिनियम का संचालन





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