एलन मस्क और उद्यमी विवेक रामास्वामी ने अमेरिका की आव्रजन नीति पर चल रही बहस में हिस्सा लिया। मस्क ने तकनीकी क्षेत्र में श्रमिकों की कमी को देखते हुए कुशल प्रवासियों की आवश्यकता पर जोर दिया और लौरा लूमर के दावों को खारिज किया।
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- एलन मस्क ने अमेरिकी तकनीकी नौकरियों में कुशल प्रवासियों की आवश्यकता का समर्थन किया।
- बहस तब शुरू हुई जब लौरा लूमर ने ट्रंप के एआई सलाहकार श्रीराम कृष्णन की आलोचना की।
- लूमर ने कुशल प्रवासियों का समर्थन करने पर कृष्णन के दृष्टिकोण को “अमेरिका फर्स्ट” नीति के खिलाफ बताया।
- मस्क ने X पर जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका में योग्य तकनीकी श्रमिकों की कमी है।
- सीईओ अमजद मसाद ने सवाल उठाया कि क्या प्रवासी अमेरिकी नौकरियां छीनते हैं, जबकि तकनीकी क्षेत्र में हज़ारों पद खाली हैं।
- मस्क और रामास्वामी ने नवाचार और आर्थिक विकास के लिए विदेशी प्रतिभा की जरूरत पर जोर दिया।
- ट्रंप समर्थकों में पारंपरिक आव्रजन विरोधी और प्रौद्योगिकी समर्थक धारणाओं पर विभाजन नजर आया।
- लूमर के गुट ने अमेरिकी श्रमिकों और सांस्कृतिक मूल्यों को प्राथमिकता देने की बात कही।
- बहस ने ट्रंप के राजनीतिक आधार में तकनीकी प्रभाव और आव्रजन पर बढ़ते तनाव को उजागर किया।
- चर्चा का अधिकांश हिस्सा X पर हुआ, जो राजनीतिक संवाद के लिए एक प्रमुख मंच बन गया है।





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