हालिया चुनावों के बाद ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप फिर उठे। चुनाव आयोग का कहना है कि मशीनें सुरक्षित और स्टैंडअलोन हैं, जबकि आलोचक मतदान से पहले, दौरान और बाद में संभावित कमजोरियां बताते हैं।
BulletsIn
- ईवीएम में दो यूनिट: कंट्रोल यूनिट अधिकारी के पास, बैलट यूनिट मतदाता के लिए।
- 6-वोल्ट बैटरी पर चलती; इंटरनेट कनेक्शन बिल्कुल नहीं।
- कागजी बैलट महंगे, धीमे और जटिल होने के कारण हटाए गए।
- 1998 में पहली बार प्रयोग; 2004 लोकसभा में पूरे देश में उपयोग।
- आरोप: चिप बदलना, वोट स्विचिंग, ब्लूटूथ आधारित गड़बड़ी।
- मतदान और बाद की सीलिंग प्रक्रिया में हेरफेर की आशंका।
- कई देशों ने पारदर्शिता मुद्दों पर ईवीएम का उपयोग रोका।
- ईसीआई: भारतीय ईवीएम standalone, OTP chip, PC-based नहीं।
- 2009 में 100 मशीनों पर चुनौती; कोई भी छेड़छाड़ साबित नहीं कर सका।
- सुप्रीम कोर्ट निर्देश के बाद VVPAT जोड़ा गया।
- VVPAT की पूरी तैनाती के लिए लाखों यूनिट और लंबा समय आवश्यक।





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