7 जुलाई को आरजेडी सांसद मनोज झा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। उन्होंने बिहार में चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे “विशेष तीव्र संशोधन” को जल्दबाज़ी और असंवैधानिक बताया। उनका आरोप है कि यह प्रक्रिया गरीब, दलित, मुस्लिम और प्रवासी मतदाताओं को निशाना बना रही है। साथ ही आधार कार्ड को दस्तावेज़ के रूप में स्वीकार न करना भी उन्होंने अनुचित कहा।
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- आरजेडी सांसद मनोज झा ने 7 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
- बिहार में चुनाव आयोग की मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को चुनौती दी
- प्रक्रिया को जल्दबाज़ी, भेदभावपूर्ण और अलोकतांत्रिक बताया
- कहा, गरीब, दलित, मुस्लिम व प्रवासी मतदाता इससे प्रभावित
- 7.9 करोड़ में से 4.74 करोड़ मतदाता नागरिकता साबित करने को मजबूर
- आधार कार्ड को अस्वीकार करना मनमाना निर्णय बताया
- गरीबों के पास सूचीबद्ध दस्तावेज़ नहीं होते – पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र आदि
- मनरेगा कार्ड, राशन कार्ड, आधार जैसे सामान्य दस्तावेज़ भी मान्य नहीं
- विधानसभा चुनाव से पहले प्रक्रिया अव्यवहारिक और समयसीमा बेहद कम
- सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और संविधान के अनुच्छेदों का उल्लंघन बताया





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