दिल्ली की प्रारूप विद्युत वाहन नीति 2.0 में कठोर विद्युतीकरण उपाय, आर्थिक प्रोत्साहन तथा पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध प्रस्तावित किया गया है जबकि चार्जिंग व्यवस्था को लेकर चिंताएँ बनी हुई हैं।
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- दिल्ली में वर्तमान समय में लगभग 8.76 मिलियन पंजीकृत वाहन हैं तथा वाहनजनित उत्सर्जन कुल वायु प्रदूषण का लगभग 23 प्रतिशत योगदान देता है।
- प्रारूप विद्युत वाहन नीति 2.0 के अनुसार 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल दोपहिया वाहनों का पंजीकरण बंद करने का प्रस्ताव रखा गया है।
- वाणिज्यिक परिवहन संचालकों को वर्ष 2026 के अंत तक ही बीएस-6 मानक वाले दोपहिया वाहन शामिल करने की अनुमति दी जाएगी।
- प्रस्तावित नीति के अंतर्गत 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में नए तिपहिया वाहनों का पंजीकरण पूर्णतः विद्युत आधारित होगा।
- विद्युत दोपहिया वाहन खरीदने वालों को प्रथम वर्ष में ₹30,000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव शामिल किया गया है।
- नीति में पुराने बीएस-4 तथा अन्य पुराने वाहनों को नष्ट कर विद्युत वाहन खरीदने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान भी है।
- दिल्ली में वर्तमान में लगभग 3,100 चार्जिंग केंद्र तथा लगभग 893 बैटरी परिवर्तन केंद्र उपलब्ध हैं जो निर्धारित लक्ष्य से काफी कम हैं।
- वाहन उद्योग संगठनों ने पर्यावरणीय उद्देश्यों का समर्थन किया लेकिन अपर्याप्त आधारभूत संरचना तथा अत्यधिक प्रतिबंधात्मक प्रावधानों पर चिंता व्यक्त की।





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