दिल्ली सरकार ने 10 साल पुराने डीज़ल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को ईंधन देने पर रोक लगाई है। यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देश पर लिया गया है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे वायु प्रदूषण में खास सुधार नहीं होगा जब तक अन्य बड़े स्रोतों पर ध्यान नहीं दिया जाए।
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- डीज़ल >10 साल, पेट्रोल >15 साल वाहन ईंधन नहीं भरवा सकेंगे
- उद्देश्य प्रदूषण घटाना, पर वाहन अकेले कारण नहीं
- वाहन ~50% PM2.5, 80% NOx उत्सर्जन के लिए ज़िम्मेदार
- विशेषज्ञ: PUC टेस्ट में PM2.5, NOx की जांच ही नहीं होती
- निर्माण धूल, पराली, WTE प्लांट, मौसम भी बड़े कारक
- BS-VI मानकों ने पुराने वाहनों से तुलना में उत्सर्जन घटाया
- पुराने, रख-रखाव वाले वाहन नए से कम प्रदूषण कर सकते
- गरीब वर्ग पर असर, सस्ती परिवहन सुविधा की कमी
- ऑड-ईवन स्कीम जैसे उपाय भी अस्थायी रहे
- केवल पुराने वाहन हटाने से हल नहीं, व्यापक सुधार जरूरी





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