चुआर विद्रोह ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ आदिवासी और कृषक विद्रोहों की श्रृंखला थी। यह 1771 से 1809 के बीच पश्चिम बंगाल के जंगलमहल क्षेत्र में हुआ। इसका मुख्य कारण औपनिवेशिक कर नीति और जीवनशैली में जबरन बदलाव था।
BulletsIn
- 1771 से 1809 के बीच कई विद्रोह
- मिदनापुर, बांकुड़ा, मानभूम क्षेत्र में केंद्रित
- भूमिज जनजाति के लोग, जिन्हें चुआर कहा जाता था
- भारी लगान और आर्थिक संकट मुख्य कारण
- वन आधारित आजीविका पर कंपनी नीतियों का प्रभाव
- ज़मींदार और पाइक व्यवस्था कमजोर हुई
- जगन्नाथ सिंह और दुर्जन सिंह प्रमुख नेता
- 1798 का विद्रोह सबसे व्यापक
- अंग्रेजों ने कठोर दमन और फांसी दी
- इसे जंगलमहल विद्रोह भी कहा जाता है





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