केंद्र सरकार 1 जुलाई 2026 से ₹1.25 लाख करोड़ से अधिक के ग्रामीण विकास कार्यक्रम की शुरुआत करेगी, जिसका उद्देश्य रोजगार सृजन, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण और ग्राम पंचायतों के समग्र विकास को गति देना है।
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- केंद्र सरकार ने ₹1.25 लाख करोड़ से अधिक के आवंटन वाले “विकसित भारत ग्रामजी” ढांचे की घोषणा की है, जिसे 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू किया जाएगा।
- कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को मजबूत करना, विकास कार्यों को गति देना और स्थानीय स्तर पर टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा देना है।
- मनरेगा के अंतर्गत केंद्र ने पहले ही ₹30,000 करोड़ आवंटित किए हैं, जबकि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ₹95,692.31 करोड़ की अंतरिम राशि जारी की जा चुकी है।
- योजना से लगभग 2.8 लाख ग्राम पंचायतों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
- राज्यों से अग्रिम परियोजना स्वीकृति, समय पर मजदूरी भुगतान और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है ताकि कार्य बिना रुकावट जारी रह सके।
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, ई-केवाईसी, मुख पहचान प्रमाणीकरण और डिजिटल प्रशासन जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया है।
- उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय आवंटन निर्धारित किए गए हैं।
- यह पहल विकसित भारत 2047 की व्यापक परिकल्पना के अंतर्गत विकसित गांवों के निर्माण, ग्रामीण अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, आजीविका सुधार और समावेशी आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखती है।





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