केंद्र सरकार ने अरावली पर्वत शृंखला की स्पष्ट और वैज्ञानिक परिभाषा तय करने के लिए दस सदस्यीय विशेषज्ञ समिति के गठन का समर्थन किया है।
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• केंद्र सरकार ने अरावली पर्वत शृंखला की स्पष्ट और वैज्ञानिक परिभाषा तय करने के उद्देश्य से दस सदस्यीय विशेषज्ञ समिति के गठन का समर्थन किया है।
• प्रस्तावित समिति की अध्यक्षता कंचन देवी करेंगी, जो भारतीय वानिकी अनुसंधान तथा शिक्षा परिषद की महानिदेशक के रूप में कार्य कर रही हैं।
• पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति द्वारा सुझाई गई विशेषज्ञ समिति पर उसे कोई आपत्ति नहीं है।
• समिति में वन सर्वेक्षण विभाग, भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग और सर्वेक्षण विभाग जैसे प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल किए जाने की संभावना है।
• यह समिति अरावली पर्वत शृंखला के भौगोलिक, पारिस्थितिक और पर्यावरणीय पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर वैज्ञानिक आधार पर इसकी परिभाषा निर्धारित करेगी।
• विशेषज्ञ समिति राज्यों की सरकारों, विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से परामर्श कर अरावली पर्वतों के वर्गीकरण से संबंधित सुझाव तैयार करेगी।
• इस पहल का उद्देश्य खनन गतिविधियों, भूमि उपयोग और पारिस्थितिकी संरक्षण से जुड़े कानूनी तथा पर्यावरणीय विवादों का समाधान करना है।
• समिति की सिफारिशों के आधार पर अरावली क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण और सतत प्रबंधन से संबंधित भविष्य की नीतियों को दिशा मिलेगी।





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