19वीं और 20वीं सदी के आरंभ में उत्तर भारत में आर्य समाज और देव समाज जैसे सुधार आंदोलनों की शुरुआत हुई। स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 में आर्य समाज की स्थापना की, जो वैदिक सिद्धांतों पर आधारित हिंदू धर्म सुधार की दिशा में कार्यरत रहा। वहीं शिव नारायण अग्निहोत्री ने 1887 में देव समाज की













