दुनिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील कैस्पियन सागर तेजी से सिकुड़ रही है। बीते 30 वर्षों में इसका जल स्तर 2.5 मीटर तक गिर चुका है। यह संकट व्यापार, जैव विविधता और लाखों लोगों की आजीविका पर असर डाल रहा है।
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- कैस्पियन सागर हर साल 20–30 सेमी घट रहा; 30 साल में 2.5 मीटर कम
- 1 करोड़ से अधिक लोग निर्भर; 40 लाख अकेले अज़रबैजान में
- तेल परिवहन 2025 के पहले 6 महीनों में घटकर 8.1 लाख टन रह गया
- समुद्री जीवन प्रभावित—स्टर्जन ने 45% आवास खोया; सील्स खतरे में
- 5 मीटर घटने पर सील्स के 81% प्रजनन स्थल खत्म; 10 मीटर पर सब खत्म
- रूस ने जलवायु परिवर्तन को कारण बताया; अज़रबैजान ने वोल्गा डैम को
- वोल्गा नदी से आता है 80% जल; डैम से वाष्पीकरण और गर्मी बढ़ी
- जीवाश्म ईंधन का दोहन बढ़ा रहा ग्रीनहाउस गैसें और तापमान
- अरल सागर जैसी तबाही की चेतावनी; कार्रवाई जरूरी
- रूस-अज़रबैजान ने मिलकर योजना बनाने पर सहमति जताई; सितंबर तक घोषणा संभव





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