केंद्र सरकार ने 23,731 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय परिपत्र जैव ऊर्जा योजना गोबरधन को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य संपीड़ित जैव गैस उत्पादन में कई गुना वृद्धि करना, निजी निवेश को प्रोत्साहित करना और स्वच्छ ऊर्जा आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।
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- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23,731 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय परिपत्र जैव ऊर्जा योजना गोबरधन को मंजूरी दी है, जिसे 2036 तक लागू किया जाएगा।
- योजना का उद्देश्य देश में संपीड़ित जैव गैस उत्पादन को लगभग दस गुना बढ़ाना है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई गति मिलेगी।
- सरकार सुनिश्चित खरीद, प्रशासनिक मूल्य निर्धारण, पूंजी अनुदान, पाइपलाइन आधारभूत संरचना तथा सरल वित्तीय सुविधा के माध्यम से बड़े पैमाने पर निजी निवेश को प्रोत्साहित करेगी।
- गोबरधन योजना के अंतर्गत कृषि अवशेष, गोबर, नगर जैव अपशिष्ट तथा अन्य जैव अपघटनीय पदार्थों का वैज्ञानिक उपयोग कर स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा।
- यह योजना परिपत्र जैव अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार लाएगी, हरितगृह गैस उत्सर्जन कम करेगी तथा किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर बढ़ाएगी।
- संपीड़ित जैव गैस आधारभूत संरचना के विस्तार से स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा मिलेगा, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी तथा देश के दीर्घकालिक जलवायु लक्ष्यों को समर्थन मिलेगा।
- योजना के माध्यम से जैव ऊर्जा उत्पादन के लिए मजबूत राष्ट्रीय तंत्र विकसित किया जाएगा, जिससे नवाचार, निजी भागीदारी और सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
- संपीड़ित जैव गैस उत्पादन में वृद्धि से रोजगार सृजन, ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहन तथा भारत को वैश्विक स्वच्छ जैव ऊर्जा क्षेत्र में अग्रणी बनाने में मदद मिलेगी।





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