बौद्ध धर्म, जो 2,500 साल से भी पहले भारत में स्थापित हुआ था, दुनिया के प्रमुख धर्मों में से एक है। यह एक सुधारवादी आध्यात्मिक मार्ग के रूप में उभरा था, जब समाज और दर्शन में भारी उथल-पुथल चल रही थी। इस सारांश में बौद्ध धर्म की उत्पत्ति, प्रमुख संप्रदाय, मुख्य शिक्षाएं और महत्वपूर्ण बौद्ध संघों (Councils) का उल्लेख है, जिन्होंने इसके विकास को दिशा दी।
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- उत्पत्ति – बौद्ध धर्म की स्थापना लगभग 500 ईसा पूर्व भारत में सिद्धार्थ गौतम (बुद्ध) द्वारा की गई थी।
- मुख्य ग्रंथ – त्रिपिटक (तीन ग्रंथ): विनय पिटक, सुत्त पिटक और अभिधम्म पिटक।
- प्रथम बौद्ध संघ (483 ई.पू., राजगृह) – बुद्ध की शिक्षाओं को विनय और सुत्त पिटक में विभाजित किया गया।
- द्वितीय बौद्ध संघ (383 ई.पू., वैशाली) – मतभेदों के कारण महासांघिक और स्थविरवाद में विभाजन हुआ।
- तृतीय बौद्ध संघ (250 ई.पू., पाटलिपुत्र) – अभिधम्म पिटक को अंतिम रूप दिया गया और धर्म प्रचार के लिए मिशनरियों को भेजा गया।
- चतुर्थ बौद्ध संघ (72 ई., कश्मीर) – हीनयान और महायान शाखाओं में स्पष्ट विभाजन हुआ।
- हीनयान संप्रदाय – आत्म-अनुशासन पर बल, पाली भाषा का प्रयोग, मूर्ति पूजा नहीं।
- महायान संप्रदाय – बुद्ध की पूजा, संस्कृत भाषा में ग्रंथ, बोधिसत्वों में आस्था।
- वज्रयान संप्रदाय – तंत्र, मंत्र, मूर्ति पूजा का समावेश; बंगाल और बिहार क्षेत्र में उत्पत्ति।
- प्रमुख बोधिसत्व – अवलोकितेश्वर और मैत्रेय जैसे करुणा और ज्ञान के प्रतीक।





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