बिरसा मुंडा का उदय 1890 के दशक में छोटानागपुर क्षेत्र में हुआ। उन्होंने अंग्रेजों, मिशनरियों और जमींदारों के अत्याचारों का विरोध किया। उनके आंदोलन ने हजारों आदिवासियों को एकजुट किया।
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- जन्म 15 नवंबर 1875, उलिहातू गांव में।
- मुंडा जनजाति से संबंध।
- छोटानागपुर क्षेत्र में नेतृत्व किया।
- ब्रिटिश कर और बेगारी का विरोध।
- जमींदारी व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष।
- 1899 में उलगुलान आंदोलन शुरू किया।
- आदिवासी भूमि अधिकारों की मांग।
- 1900 में ब्रिटिश शासन ने गिरफ्तार किया।
- 9 जून 1900 को जेल में निधन।
- आदिवासी आंदोलनों के लिए प्रेरणा बने।





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