असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों से बाघों की संख्या 2006 में 70 से बढ़कर 2022 में 227 हो गई है। उन्होंने इसे मजबूत राजनीतिक प्रतिबद्धता, सख्त सुरक्षा उपायों और समुदाय की भागीदारी का परिणाम बताया।
BulletsIn
- CM सरमा के अनुसार असम में बाघों की संख्या 70 (2006) से बढ़कर 227 (2022) हुई
- मुख्यमंत्री ने यह जानकारी X (पूर्व ट्विटर) पोस्ट के जरिए साझा की
- उन्होंने कहा असम अब देश के सबसे सुरक्षित वन्यजीव आवासों में शामिल है
- एक सींग वाले गैंडे के साथ-साथ विविध प्रजातियों के लिए असम सुरक्षित बना
- संरक्षण सफलता में जनता और समुदाय की भागीदारी को अहम बताया
- काजीरंगा, मानस, ओरांग और नामेरी राष्ट्रीय उद्यानों की बड़ी भूमिका रही
- काजीरंगा UNESCO विश्व धरोहर स्थल और एक-सींग वाले गैंडों के लिए प्रसिद्ध
- मानस पार्क में बाघ और पिग्मी हॉग जैसी प्रजातियों का पुनरुद्धार हुआ
- बाघों की वृद्धि के पीछे सख्त एंटी-पोचिंग अभियान और बेहतर खुफिया नेटवर्क कारण
- आधुनिक तकनीक जैसे कैमरा ट्रैप और ड्रोन से निगरानी मजबूत हुई
- वन विभाग और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से संरक्षण बढ़ा
- ईको-डेवलपमेंट समितियों और जागरूकता कार्यक्रमों से मानव-वन्यजीव संघर्ष घटा
- सरकार ने कहा संरक्षण और विकास साथ-साथ चलने चाहिए
- संरक्षित क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और स्टाफ सुविधाएं बढ़ाई गईं
- CM ने कहा लाभ केवल बाघों तक सीमित नहीं, हाथी, हिरण, पक्षियों को भी फायदा
- सरकार ने भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षण प्रयास और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.