हाल ही में हुए इज़राइल-ईरान संघर्ष के दौरान रूस ने सैन्य हस्तक्षेप से परहेज किया और कूटनीति का रास्ता चुना।
रूस ने पश्चिम एशिया में प्रभाव बनाए रखने के लिए संतुलित रणनीति अपनाई, जिसमें किसी पक्ष से पूरी तरह टकराव नहीं हुआ।
BulletsIn
- रूस ने ईरान को सैन्य समर्थन नहीं दिया
- केवल सामान्य कूटनीतिक बयान दिए, टकराव से बचा
- सीरिया में सैन्य समन्वय के चलते इज़राइल से कार्यशील संबंध बनाए
- पश्चिमी प्रभाव के विरोध में ईरान से साझेदारी बनाए रखी
- ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका से टकराव नहीं होने से कूटनीतिक जगह मिली
- यूक्रेन युद्ध और प्रतिबंधों के चलते नई लड़ाई से बचना जरूरी
- तेल की कीमतों में वृद्धि से रूस को आर्थिक फायदा
- यूएई के साथ नई आर्थिक साझेदारी से संसाधन विविधता की कोशिश
- शांतिदूत की छवि से वैश्विक मंच पर भूमिका मजबूत
- यह रणनीति रूस की लचीली साझेदारियों और संतुलन नीति को दर्शाती है





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