10वीं शताब्दी से अफ़गान और मध्य एशियाई समूहों के आक्रमणों ने भारत के सैन्य इतिहास में नई तकनीक और रणनीतिक बदलावों की शुरुआत की।
BulletsIn
- प्रारंभिक आक्रमणकारी मुख्यतः भारत के स्वर्ण-समृद्ध मंदिरों की लूट के उद्देश्य से आए।
- 12वीं शताब्दी के बाद आक्रमणकारियों ने कृषि संपदा और व्यापार मार्गों पर नियंत्रण के लिए सल्तनतों की स्थापना की।
- धार्मिक और स्थापत्य परिवर्तनों पर अधिक चर्चा होती है, परंतु उनके साथ आई नई युद्ध तकनीकों को कम महत्व दिया गया।
- स्टेपी क्षेत्र की घुड़सवार तीरंदाजी तथा तीव्र गतिशील युद्धनीति ने पारंपरिक युद्ध शैली को चुनौती दी।
- खिलजी शासकों ने दुर्ग-जय के लिए उन्नत घेराबंदी उपकरणों का उपयोग किया।
- मुगल साम्राज्य ने बारूद और तोपों को युद्धकला में शामिल कर युद्ध की दिशा बदल दी।
- राजपूत योद्धा शक्ति और भक्ति को सर्वोच्च मानते थे तथा रणनीतिक युक्ति की अपेक्षा वीरता और सम्मान को प्राथमिकता देते थे।





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