अखिल भारतीय किसान सभा भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान किसानों के अधिकार, भूमि सुधार और शोषण के खिलाफ संघर्ष करने वाला प्रमुख किसान संगठन बनकर उभरा।
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- अखिल भारतीय किसान सभा की स्थापना 1936 में किसानों के अधिकारों की रक्षा और औपनिवेशिक शोषण के विरोध के लिए की गई थी।
- इस संगठन का गठन अप्रैल 1936 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लखनऊ अधिवेशन के दौरान किया गया था।
- स्वामी सहजानंद सरस्वती इसके प्रथम अध्यक्ष बने और उन्होंने किसानों को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- इस आंदोलन की शुरुआत 1929 में बिहार प्रांतीय किसान सभा से हुई थी, जिसका उद्देश्य जमींदारी शोषण का विरोध करना था।
- संगठन से एन. जी. रंगा, राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और आचार्य नरेंद्र देव जैसे प्रमुख नेता जुड़े थे।
- संगठन ने जमींदारी प्रथा समाप्त करने, भूमि कर घटाने और भूमिहीन किसानों को भूमि वितरण की मांग उठाई।
- अखिल भारतीय किसान सभा ने तेभागा आंदोलन और तेलंगाना किसान सशस्त्र संघर्ष जैसे प्रमुख किसान आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई।
- हाल के वर्षों में संगठन ने कृषि कानूनों के विरोध प्रदर्शनों में भी भाग लिया और किसानों के हितों के लिए आवाज उठाई।





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