Constitution of India के भाग IV में अनुच्छेद 43 राज्य को निर्देश देता है कि वह श्रमिकों के लिए जीविकोपार्जन योग्य वेतन, सम्मानजनक कार्य परिस्थितियाँ, अवकाश तथा सामाजिक-सांस्कृतिक अवसर सुनिश्चित करे और ग्रामीण कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दे। यह आर्थिक लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की संवैधानिक दृष्टि को दर्शाता है।
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- नीति-निर्देशक तत्व; न्यायालय में बाध्यकारी नहीं
- जीविकोपार्जन योग्य वेतन की अवधारणा
- कृषि, औद्योगिक सहित सभी श्रमिक शामिल
- अवकाश व सांस्कृतिक जीवन पर विशेष जोर
- ग्रामीण कुटीर उद्योग, सहकारी मॉडल को बढ़ावा
- ग्रामीण-शहरी असंतुलन कम करने का लक्ष्य
- आर्थिक सुरक्षा को लोकतंत्र की आधारशिला माना
- प्रारूप अनुच्छेद 34 से विस्तारित प्रावधान





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