इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन ने 24 जनवरी 2026 को कहा कि हालिया पीएसएलवी लॉन्च विफलता का गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि दोनों कार्यक्रम स्वतंत्र हैं।
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इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने स्पष्ट किया कि पीएसएलवी मिशन की विफलता से गगनयान मिशन की समयसीमा प्रभावित नहीं होगी।
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उन्होंने कहा कि पीएसएलवी और गगनयान दोनों अलग-अलग लॉन्च वाहन और तकनीकी संरचना वाले स्वतंत्र कार्यक्रम हैं।
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पीएसएलवी-सी62 मिशन में तीसरे चरण के अंत में तकनीकी गड़बड़ी देखी गई, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
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तीसरे चरण के अंतिम समय में वाहन में अस्थिरता आई, जिसके बाद उड़ान पथ में विचलन दर्ज किया गया।
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यह मिशन श्रीहरिकोटा से ईओएस-एन1 पृथ्वी अवलोकन उपग्रह और 15 सह-उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने के लिए था।
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इसरो ने बताया कि तीसरे चरण तक रॉकेट की कार्यक्षमता पूरी तरह सामान्य बनी हुई थी।
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वर्ष 2026 का यह इसरो का पहला बड़ा प्रक्षेपण था, जिसे न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड द्वारा संचालित किया गया।
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हैदराबाद स्थित निजी कंपनी ध्रुव स्पेस ने इस मिशन में सात उपग्रहों का योगदान दिया।
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इसरो ने गगनयान मिशन की प्रगति और मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को लेकर पूर्ण भरोसा दोहराया है।





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