भारत के उपराष्ट्रपति ने इस सप्ताह नई दिल्ली में जनजातीय मामलों के मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की। मंत्री जुआल ओराम और वरिष्ठ अधिकारियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और कल्याण कार्यक्रमों पर उन्हें जानकारी दी। उन्होंने मंत्रालय के बढ़े हुए बजट की सराहना की और जनजातीय छात्रों के लिए उच्च शिक्षा समर्थन व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर दिया।
BulletsIn
- संसद भवन में प्रमुख समीक्षा बैठक हुई।
- शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति।
- मंत्रालय का बजट ₹4,500 करोड़ से बढ़कर ₹15,000 करोड़।
- EMRS विस्तार: 728 स्वीकृत, 479 संचालित, 1.38 लाख छात्र।
- जनजातीय छात्रों हेतु विश्वविद्यालय-स्कूल साझेदारी पर जोर।
- दूरस्थ क्षेत्रों में ड्रॉपआउट घटाने की आवश्यकता बताई।
- पीएम-जनमन से PVTGs को मूल सेवाओं की पहुँच।
- धरती आबा योजना से गाँवों में अवसंरचना संतृप्ति लक्ष्य।
- आदि कर्मयोगी से प्रशासनिक, नेतृत्व, उद्यमिता क्षमता विकास।
- स्वास्थ्य फोकस: सिकल सेल जांच, उपचार और जागरूकता।
- जनजातीय कला, वन उपज, उद्यमिता को सहायता।
- बड़ी चुनौती: अंतिम-मील सेवा, स्वास्थ्य अंतर, समुदाय भागीदारी।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.