एक नए अध्ययन में पाया गया है कि जलवायु परिवर्तन से बढ़ी चरम गर्मी ने 1950 से अब तक उष्णकटिबंधीय पक्षियों की 25–38% आबादी खत्म कर दी। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी कि संरक्षित वनों में भी पक्षी तेजी से घट रहे हैं, जिससे वैश्विक जैव विविधता पर गंभीर खतरा है।
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- 1950 से अब तक 25–38% उष्णकटिबंधीय पक्षी आबादी खत्म
- अध्ययन में 3,000 पक्षी समूह, 90,000 अवलोकन शामिल
- पक्षियों के लिए सबसे बड़ा खतरा चरम गर्मी पाया गया
- भूमध्य रेखा के पास अब 10 गुना ज्यादा खतरनाक गर्म दिन
- जीवित पक्षियों में अंग क्षति, प्रजनन विफलता, घोंसला नुकसान
- जलवायु असर मानव दबाव से भी अधिक गंभीर
- आधी से ज्यादा पक्षी प्रजातियाँ उष्णकटिबंधीय में, बड़ा जोखिम
- उत्सर्जन में तत्काल कटौती, आवास सुरक्षा की अपील
- WMO: चरम गर्मी से विश्वभर में करोड़ों लोग प्रभावित
- जुलाई 2025 वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे गर्म जुलाई दर्ज





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