भारत ने सोमवार को अफगानिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में मतदान से परहेज किया। प्रस्ताव में तालिबान से दमनकारी नीतियाँ हटाने और समावेशी शासन की मांग की गई थी। भारत ने आतंकवादी समूहों द्वारा अफगान जमीन के दुरुपयोग पर चिंता जताई।
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- भारत ने अफगान संकट पर UN वोट से दूरी बनाई
- प्रस्ताव में तालिबान से समावेशी शासन और सुधार की मांग
- 116 वोट समर्थन में, 2 विरोध (अमेरिका, इज़राइल), 12 देशों ने किनारा किया
- भारत ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश जैसे समूहों के खतरे पर चिंता जताई
- राजदूत हरीश ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उसकी भूमिका पर सवाल उठाया
- पाकिस्तान ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया, बावजूद अफगानिस्तान से तनाव
- रूस, जिसने हाल ही में तालिबान सरकार को मान्यता दी, उसने भी दूरी बनाई
- जयशंकर ने अफगान कार्यवाहक विदेश मंत्री मुत्ताकी से बातचीत की
- भारत ने अप्रैल 2025 पहलगाम आतंकी हमले की अफगान निंदा का स्वागत किया
- भारत ने अफगान जनता से संबंधों पर ज़ोर दिया, परहेज को सिद्धांत व यथार्थ आधारित बताया





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