13 मई 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अनुच्छेद 143 के तहत राज्यपालों की विधेयक स्वीकृति शक्तियों पर सुप्रीम कोर्ट से राय मांगी। यह कदम तमिलनाडु राज्यपाल द्वारा विधेयकों पर विलंब के लिए सुप्रीम कोर्ट की आलोचना के बाद उठाया गया। इस संदर्भ में 14 संवैधानिक प्रश्न उठाए गए हैं।
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• राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 143 के तहत सुप्रीम कोर्ट से राय मांगी
• मामला TN राज्यपाल द्वारा 10 विधेयकों पर विलंब से जुड़ा
• SC ने देरी को अवैधानिक बताया, विधेयकों को स्वीकृत माना
• कुल 14 संवैधानिक प्रश्न Articles 200, 201, 142, 361 पर केंद्रित
• क्या राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह मानना राज्यपाल के लिए बाध्यकारी?
• क्या न्यायालय विधेयक स्वीकृति की समयसीमा तय कर सकता है?
• Article 201 के तहत राष्ट्रपति की कार्रवाई न्यायिक समीक्षा योग्य या नहीं
• क्या Article 361 के तहत राज्यपाल पूर्ण न्यायिक छूट पा सकते हैं?
• राष्ट्रपति-संवैधानिक भूमिका स्पष्ट, देरी रोकने की संभावना
• संघ-राज्य संबंधों और न्यायिक दखल के दायरे पर गहरा असर





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