भारत में अत्यधिक भूजल दोहन—दुनिया के कुल भूजल का 25% से अधिक—पृथ्वी के अक्ष को प्रभावित कर रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदलाव ‘पोलर मोशन’ कहलाता है, जिसमें पृथ्वी का घूर्णन अक्ष बदलता है। यह भविष्य में मौसम, समुद्र स्तर और खाद्य उत्पादन को प्रभावित कर सकता है।
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- भारत में सबसे अधिक भूजल दोहन, विश्व का 25% से ज़्यादा
- भूजल खिंचाव से पृथ्वी का द्रव्यमान असंतुलित, अक्ष बदल रहा
- NASA शोध: 1993–2010 में पृथ्वी का अक्ष 78 सेमी पूर्व की ओर खिसका
- भारत, पाकिस्तान, चीन इस बदलाव के मुख्य कारण
- भारत हर साल 250–260 घन कि.मी. भूजल उपयोग करता है
- सीजन में बदलाव, चरम मौसम की घटनाएं हो सकती हैं
- समुद्र स्तर बढ़ने, तटीय शहरों के डूबने का खतरा
- दिल्ली, बेंगलुरु जैसे शहरों में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा
- यमुना, गोदावरी जैसी नदियों का प्रवाह भी कम हो रहा
- अत्यधिक दोहन से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता में जमीन धंस रही





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