अप्रैल 2025 में दिल्ली सरकार ने नई प्रदूषण नियंत्रण नीतियों की घोषणा की, जिससे मौसमी उपायों पर हो रही आलोचना को संबोधित किया जाए। इन नीतियों में बाहरी वाहनों के लिए PUC अनिवार्य करना, EV चार्जिंग का विस्तार और बेहतर निगरानी शामिल है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बिना क्षेत्रीय सहयोग और सालभर प्रयास के, ये उपाय नाकाफी हैं।
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- अब बाहरी राज्यों के वाहन दिल्ली में प्रवेश से पहले वैध PUC दिखाना अनिवार्य
- 2026 तक 48,000 EV चार्जिंग पॉइंट्स; 18,000 सरकारी, 30,000 अर्ध-निजी
- छह नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र लगाए जाएंगे
- ई-कचरा प्रोसेसिंग के लिए इको-पार्क की योजना बनाई गई
- दिल्ली में भारत के कुल वाहनों का 8%, ट्रैफिक और प्रदूषण बढ़ा
- BS6, CNG लागू, फिर भी वाहन प्रदूषण ऊंचा; प्रवर्तन कमजोर
- GRAP को अल्पकालिक समाधान माना गया, दीर्घकालिक योजना की कमी
- कोयले से बिजली बनने पर EV भी समाधान नहीं
- विशेषज्ञ बोले- स्वच्छ और सस्ती सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था जरूरी
- आसपास के राज्यों से भी आता है प्रदूषण, साझा “एयर शेड” मॉडल की मांग





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