भारत ने इस साल 124 वर्षों में फरवरी का सबसे गर्म महीना दर्ज किया, और भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मार्च में अधिक तापमान और हीट वेव्स के बढ़ने की चेतावनी दी है। यह अवधि भारत के गेहूं की कटाई के मौसम से मेल खाती है, जो गेहूं की फसल को गंभीर खतरे में डाल रही है।
BulletsIn
- भारत ने 124 वर्षों में फरवरी का सबसे गर्म महीना दर्ज किया।
- भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मार्च में सामान्य से अधिक तापमान और ज्यादा हीट वेव्स आने की चेतावनी दी।
- हीट वेव्स का समय गेहूं की कटाई के मौसम से मेल खाता है, जिससे गेहूं की फसल को गंभीर खतरा है।
- गेहूं मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिमी भारतीय उपमहाद्वीप के इन्दो-गंगेटिक मैदानों में उगाया जाता है, जैसे उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश।
- गेहूं को ठंडे मौसम में उगने की आवश्यकता होती है और इसे आमतौर पर अक्टूबर और दिसंबर के बीच बोया जाता है।
- गेहूं की कटाई फरवरी से अप्रैल तक रबी फसल मौसम में होती है।
- कटाई के दौरान अत्यधिक गर्मी गेहूं की पैदावार को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है।
- जलवायु परिवर्तन पारंपरिक फसल उगाने के पैटर्न को बदल रहा है, जिससे कृषि स्थिरता को खतरा है।
- किसान कम आय और फसल की विफलता से खाद्य सुरक्षा संकट का सामना कर सकते हैं।
- सरकार और कृषि विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन के लिए उपायों पर विचार कर रहे हैं।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.