मंगोलों का उदय मंगोल नेता चंगेज़ खान के आगमन से हुआ, जिसने खुद को ‘ईश्वर का अभिशाप’ कहा। मंगोलों ने 1218 में ख्वारिज्मी साम्राज्य पर हमला किया, जिससे उनकी सैन्य शक्ति में वृद्धि हुई। दिल्ली के सुलतान इल्तुतमिश ने मंगोलों से संघर्ष किया और कुछ राहत प्रदान की।
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- चंगेज़ खान का उदय मंगोल आक्रमणों की शुरुआत था।
- 1218 में मंगोलों ने ख्वारिज्मी साम्राज्य पर हमला किया, जिससे उनकी सैन्य शक्ति बढ़ी।
- दिल्ली के सुलतान इल्तुतमिश ने मंगोलों से कठोर संघर्ष किया, जिससे शुरुआती आक्रमणों में राहत मिली।
- मंगोल आक्रमणों के कारण सिंधु नदी भारत की पश्चिमी सीमा नहीं रही, और मंगोलों ने आगे आक्रमण किए।
- इल्तुतमिश ने लाहौर और मुल्तान पर विजय प्राप्त की, जिससे मंगोलों के खिलाफ एक मजबूत रक्षा रेखा बनी।
- 1227 में चंगेज़ खान की मृत्यु हो गई।
- चंगेज़ खान की मृत्यु के बाद मंगोल साम्राज्य उसके पुत्रों में विभाजित हो गया, जिससे उनकी शक्ति कमजोर हुई।





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