अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश से अस्थायी वीज़ा धारकों के बच्चों को जन्म से नागरिकता मिलने पर रोक लग सकती है, जिससे अमेरिका में भारतीय प्रवासियों में दहशत फैल गई है। हालांकि यह आदेश कानूनी चुनौती के कारण रुका हुआ है, लेकिन हज़ारों भारतीय दंपतियों के लिए अनिश्चितता बनी हुई है।
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- ट्रंप का आदेश अस्थायी वीज़ा धारकों के बच्चों की जन्मजात नागरिकता को खत्म करना चाहता है।
- अमेरिका में H-1B वीज़ा पर रहने वाले कई भारतीयों को उम्मीद थी कि उनके बच्चे को स्वचालित रूप से नागरिकता मिलेगी।
- अनिश्चितता के कारण कुछ माता-पिता ने प्रसव जल्दी कराने पर विचार किया, लेकिन डॉक्टरों ने चेतावनी दी।
- इमिग्रेशन वकील साइरस मेहता का कहना है कि अमेरिकी कानून में गैर-नागरिक स्थिति में जन्मे बच्चों के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं है।
- भारतीय अमेरिका में दूसरा सबसे बड़ा प्रवासी समूह हैं, जिनमें 50 लाख से अधिक गैर-प्रवासी वीज़ा धारक हैं।
- भारतीयों के लिए ग्रीन कार्ड का बैकलॉग सबसे लंबा है, 11 लाख लोग इंतजार में हैं।
- नीति विशेषज्ञ डेविड बीयर के अनुसार, 4 लाख भारतीय ग्रीन कार्ड मिलने से पहले मर सकते हैं।
- आदेश अप्रवासी भारतीयों को भी प्रभावित करता है, उनके बच्चों की नागरिकता समाप्त कर देता है।
- अवैध रूप से रह रहे भारतीयों की संख्या 7.25 लाख (Pew Research) और 3.75 लाख (MPI) के बीच मानी जाती है।
- H-1B और O वीज़ा धारक भारतीय माता-पिता को डर है कि उनके बच्चों को भविष्य में कानूनी संघर्षों का सामना करना पड़ेगा।





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