ISRO का PSLV-C60 मिशन, जो वर्ष के अंत में लॉन्च होगा, फसल उगाने, मलबा पकड़ने वाले रोबोटिक आर्म और ग्रीन प्रोपल्शन सिस्टम जैसे उन्नत प्रयोगों पर केंद्रित है। मिशन में PSLV ऑर्बिटल एक्सपेरिमेंट मॉड्यूल (POEM-4) पर कुल 24 प्रयोग किए जाएंगे, जो भारत की अंतरिक्ष अनुसंधान क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा।
BulletsIn
- PSLV-C60 ‘चेज़र और टारगेट’ उपग्रह लॉन्च करेगा, अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक का परीक्षण करेगा।
- POEM-4 पर 24 प्रयोग होंगे, जिनमें 14 ISRO लैब्स और 10 निजी संस्थानों के हैं।
- ISRO का CROPS मॉड्यूल अंतरिक्ष में नियंत्रित वातावरण में काऊपी बीज उगाएगा।
- एमिटी यूनिवर्सिटी का APEMS माइक्रोग्रैविटी में पालक की वृद्धि का अध्ययन करेगा।
- प्रयोग से पौधों की गुरुत्वाकर्षण और प्रकाश के प्रति प्रतिक्रिया पर नई जानकारी मिलेगी।
- VSSC का रोबोटिक आर्म मलबा पकड़ने और भविष्य में ईंधन भरने का प्रदर्शन करेगा।
- मनस्तु स्पेस हाइड्रोजन पेरोक्साइड आधारित ग्रीन प्रोपल्शन का परीक्षण करेगा।
- पियरसाइट स्पेस का वरुणा पेलोड समुद्री गतिविधियों की निगरानी के लिए SAR तकनीक का प्रदर्शन करेगा।
- मिशन का उद्देश्य भारत के अंतरिक्ष स्टेशन और स्थायी तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना है।
- SAR और AIS उपग्रहों की एक श्रृंखला स्थापित करने की दिशा में पहला कदम।





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