राष्ट्रीय पोषण माह 2026 में पोषण, बाल देखभाल और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए संशोधित आंगनवाड़ी दिशा निर्देशों पर जोर दिया जाएगा।
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- राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का नौवां संस्करण बुधवार को वाराणसी में महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किया जाएगा।
इस वर्ष का अभियान सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के अंतर्गत संशोधित पूरक पोषण कार्यक्रम दिशा निर्देशों पर आधारित होगा। - संशोधित दिशा निर्देशों में पहली बार गर्म पका भोजन परिभाषित किया गया है और आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण भोजन सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
- इन दिशा निर्देशों में आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों की स्थापना का प्रावधान भी है, जिससे सामुदायिक भागीदारी, जवाबदेही और स्थानीय स्वामित्व मजबूत होगा।
- वर्ष 2018 में शुरू किए गए पोषण अभियान ने पोषण को राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकता बनाया और अब व्यापक जन आंदोलन बन चुका है।
- नौवें संस्करण का विषय “हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी” है, जिसके माध्यम से नागरिकों से आंगनवाड़ी केंद्रों की साझा जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया जाएगा।
- आंगनवाड़ी केंद्रों को बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल सहायता और प्रारंभिक शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में मजबूत किया जाएगा।
- पोषण माह 2026 के पांच प्रमुख विषयों में आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीन, ताजा पका भोजन और सामुदायिक जवाबदेही शामिल हैं।
- अभियान में पोषण, प्रारंभिक प्रेरणा और शिक्षा को भी प्रमुखता दी जाएगी, जिससे बच्चों के समग्र विकास के लिए बेहतर वातावरण तैयार हो सके।
- अभियान 2047 तक विकसित भारत की आधारशिला के रूप में सुपोषित भारत के निर्माण की दृष्टि के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा।
- राष्ट्रीय पोषण माह प्रत्येक सितंबर में आयोजित होता है और महिलाओं तथा बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल व्यवहार को बेहतर बनाने पर केंद्रित रहता है।
- वर्ष 2026 का अभियान सामुदायिक भागीदारी बढ़ाकर पोषण सेवाओं को अधिक जवाबदेह, सुलभ और प्रभावी बनाने का प्रयास करेगा।





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