नेपाल में 26 अगस्त को हुए भीषण बाढ़ संकट में लांगटांग लिरुंग हिमनद के बड़े हिस्से के टूटने की संभावित भूमिका सामने आई है। इस घटना ने हिमालयी क्षेत्रों में हिमनद निगरानी, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और जलवायु अनुकूलन के लिए वित्तीय सहायता की गति को लेकर चिंता बढ़ाई है।
BulletsIn
- वैज्ञानिकों के अनुसार लांगटांग लिरुंग हिमनद का एक विशाल हिस्सा 26 अगस्त को टूटकर नीचे गिरा, जिससे बर्फ, चट्टान और पानी तेजी से नीचे की ओर बहा।
- इससे बनी तेज जलधारा ल्हेंदे खोला नदी तंत्र में पहुंची और संवेदनशील हिमालयी बस्तियों में अचानक आई बाढ़ को बढ़ाने में योगदान दिया।
- विशेषज्ञों ने घटना को इसके बड़े स्तर और असामान्य प्रक्रिया के कारण असाधारण बताया है।
- हालांकि, विशेषज्ञों ने इस घटना को सीधे तौर पर जलवायु परिवर्तन का परिणाम मानने से पहले सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई है।
- हिंदूकुश हिमालय क्षेत्र में हिमनदों में तेजी से हो रहे बदलाव ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाओं की चिंता बढ़ा रहे हैं।
- हिमनदों में होने वाले बदलाव से नीचे स्थित नदी घाटियों और बस्तियों में अचानक बाढ़ जैसे खतरों की संभावना बढ़ सकती है।
- ग्रीन क्लाइमेट फंड ने नेपाल की हिमनद बाढ़ लचीलापन परियोजना को मंजूरी देने में सात वर्ष लगाए।
- इस परियोजना की लागत 49.9 मिलियन डॉलर है और इसका उद्देश्य लगभग 24 लाख लोगों को हिमनद-जनित बाढ़ के जोखिम से बेहतर सुरक्षा प्रदान करना है।
- परियोजना के प्रमुख उद्देश्यों में हिमनद निगरानी और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करना शामिल है।
- परियोजना में बहुआपदा जोखिम आकलन को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया गया है।
- हालांकि, प्रभावित भोटे कोशी और त्रिशूली नदी बेसिन इस परियोजना के दायरे में सीधे शामिल नहीं हैं।
- जलवायु अनुकूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहायता में देरी से यह सवाल उठा है कि उच्च जोखिम वाले हिमालयी समुदायों तक सहायता कितनी तेजी से पहुंच रही है।
- 26 अगस्त की बाढ़ से बस्तियों, आधारभूत ढांचे और जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा।
- इस घटना ने नेपाल के संवेदनशील नदी बेसिनों में आपदा तैयारी और जोखिम प्रबंधन को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
- हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते जोखिमों के बीच जलवायु अनुकूलन, प्रारंभिक चेतावनी व्यवस्था और वैज्ञानिक हिमनद निगरानी को मजबूत करना महत्वपूर्ण है।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.