अप्रैल–जुलाई FY27 के दौरान भारत के इस्पात क्षेत्र में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। मजबूत घरेलू मांग और उत्पादन में सुधार ने इस वृद्धि को समर्थन दिया। तैयार इस्पात की घरेलू खपत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जबकि निर्यात भी बढ़ा। हालांकि, आयात में अधिक वृद्धि के कारण भारत इस अवधि में तैयार इस्पात का शुद्ध आयातक (Net Importer) रहा।
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- अप्रैल–जुलाई FY27 में भारत का क्रूड स्टील उत्पादन 2.6% YoY बढ़कर 56.3 मिलियन टन (MT) हो गया।
- फिनिश्ड स्टील उत्पादन में 4.0% YoY की वृद्धि हुई और यह 54.3 MT रहा।
- हॉट मेटल उत्पादन 1.5% YoY बढ़कर 31.6 MT हो गया।
- फिनिश्ड स्टील की घरेलू खपत 55.9 MT रही, जो 7.8% YoY की वृद्धि है।
- इस्पात की मांग को इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण और विनिर्माण क्षेत्रों से मजबूती मिली।
- फिनिश्ड स्टील का निर्यात 35% YoY बढ़कर 2.29 MT हो गया।
- फिनिश्ड स्टील का आयात 36.6% YoY बढ़कर 2.77 MT हो गया।
- आयात में अधिक वृद्धि के कारण भारत फिनिश्ड स्टील का शुद्ध आयातक बन गया।
- SAIL ने Q1 FY27 में ₹1,636 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया।
- SAIL का ऑपरेशंस से राजस्व ₹26,246 करोड़ रहा।
- NMDC ने जुलाई में अब तक का सर्वाधिक 4.06 MT उत्पादन दर्ज किया।
- SAIL को DRDO की Defence Metallurgical Research Laboratory (DMRL) से नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों के लिए विशेष इस्पात बनाने की तकनीक का हस्तांतरण मिला।
- SAIL ने राउरकेला स्टील प्लांट में अपना पहला 0.18 MTPA Micro Pellet Plant शुरू किया।
- यह संयंत्र स्टील उत्पादन के कचरे को रिसाइकिल करके मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने और संसाधन दक्षता व ग्रीन स्टील उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
- NMDC ने अर्जेंटीना में तांबा और अन्य रणनीतिक खनिजों में निवेश एवं साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की।
- इन पहलों का उद्देश्य घरेलू इस्पात उत्पादन, सप्लाई चेन, सतत विनिर्माण और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मजबूत करना है।





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