भारत ने 2025 में 52.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की नई LNG रीगैसिफिकेशन क्षमता जोड़कर दुनिया का चौथा सबसे बड़ा LNG रीगैसिफिकेशन बाजार बनने की उपलब्धि हासिल की है। यह विस्तार भारत की स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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- भारत ने 2025 में 52.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की नई LNG रीगैसिफिकेशन क्षमता जोड़ी।
- यह क्षमता आठ LNG रीगैसिफिकेशन टर्मिनलों के माध्यम से विकसित की गई।
- भारत अब दुनिया का चौथा सबसे बड़ा LNG रीगैसिफिकेशन बाजार बन गया है।
- भारत ने इस मामले में स्पेन को पीछे छोड़ दिया है।
- यह विस्तार भारत की स्वच्छ ऊर्जा नीति को मजबूती देता है।
- सरकार प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को देश के ऊर्जा मिश्रण में बढ़ाने पर जोर दे रही है।
- उर्वरक उद्योग में बढ़ती मांग से LNG की खपत बढ़ रही है।
- सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के विस्तार से प्राकृतिक गैस की मांग में वृद्धि हुई है।
- बिजली उत्पादन क्षेत्र भी LNG के उपयोग को बढ़ा रहा है।
- LNG (Liquefied Natural Gas) प्राकृतिक गैस का वह रूप है जिसे लगभग –162°C पर तरल बनाया जाता है ताकि उसका भंडारण और परिवहन आसान हो सके।
- रीगैसिफिकेशन प्रक्रिया में LNG को दोबारा गैस के रूप में परिवर्तित किया जाता है।
- दहेज LNG टर्मिनल दुनिया का छठा सबसे बड़ा LNG टर्मिनल है।
- LNG अवसंरचना का विस्तार भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करता है।
- इससे उद्योगों में स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ेगा और प्रदूषणकारी ईंधनों पर निर्भरता कम होगी।
- यह पहल भारत के सतत विकास, ऊर्जा विविधीकरण और कम कार्बन उत्सर्जन के दीर्घकालिक लक्ष्यों के अनुरूप है।





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